हरतालिका तीज पूजन विधि

हरतालिका तीज पूजन विधि  हरतालिका पूजन के लिए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू रेत व काली मिट्टी की प्रतिमा हाथों से बनाएं। पूजा स्थल को फूलों से सजाकर एक चौकी रखें और उस चौकी पर केले के पत्ते रखकर भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद देवताओं का आह्वान करते हुए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का पूजन करें। सुहाग की सारी वस्तु रखकर माता पार्वती को चढ़ाना इस व्रत की मुख्य परंपरा है। इसमें शिवजी को धोती और अंगोछा चढ़ाया जाता है। यह सुहाग की सामग्री को सास के चरण स्पर्श करने के बाद दान कर दें।

माँ कात्यायनी

 आज नवरात्री का छटवा दिन  मां कात्यायनी का दिन है !


आज के दिन मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि माता अपने भक्तों के लिए दया भाव रखती हैं और उनकी हर हाल में मनोकामनाएं पूरी करती हैं। कहते हैं कि मां कात्यायनी प्रसन्न होकर सुयोग्य वर का आशीर्वाद देती हैं और विवाह में आने वाली रुकावटें दूर करती हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की कृपा से भक्तों के सभी मंगल कार्य पूरे होते हैं। मां के जन्म के पीछे की कहानी-

ऋषि कात्यायन देवी मां के परम उपासक थे। एक दिन मां दुर्गा ने इनकी तपस्या से प्रसन्न होकर इनके घर पुत्री के रुप में जन्म लेने का वरदान दिया। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण ही देवी मां को मां कात्यायनी कहा जाता है।
माँ कात्यायनी के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए विवाह योग्य किशोरियों द्वारा जपा जानेवाला एक लोकप्रिय मंत्र है। कात्यायनी मंत्र मुख्यतः प्रेम में बाधाओं को दूर करने के लिए और एक सुखी विवाहित जीवन के लिए प्रयोग किया जाता है।
कात्यायनी मंत्र उन लोगों के लिए एक प्रभावी मंत्र है जिनके विवाह में विभिन्न कारणों से अवरोध उत्पन्न हो रहा है। विवाह के लिए कात्यायनी मंत्र भागवत पुराण से उत्पन्न हुआ है। भगवान कृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए गोपियों ने माँ कात्यायनी की उपासना की। लड़कियां शीघ्र विवाह और प्रेम विवाह में किसी भी बाधा को हटाने के लिए देवी कात्यायनी की पूजा करती हैं। कात्यायनी मंत्र एक कन्या की कुंडली में मांगलिक दोष या ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव जैसे सभी बाधाओं को दूर करने में बहुत प्रभावी है। कात्यायनी मंत्र के नियमित जप से आपके विवाह में आनेवाली सभी बाधाएं शीघ्र दूर होकर विवाह के योग बनने लगते है।


माला जाप की संख्या :1, 25000.00 बार या इस से अधिक कर सकते हो उतना लाभ
माला : लाल चन्दन की  माला
आसान : लाल आसान पर बैठ कर करना
पुष्प : लाल

                         मंत्र -1
।।ॐ ह्रीं कात्यायन्यै स्वाहा ।। ।। ह्रीं श्रीं कात्यायन्यै स्वाहा ।।
                        मंत्र -2
ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीस्वरि ।नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः ।।
                         मंत्र-3
हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया । तथा मां कुरु कल्याणि कान्तकातां सुदुर्लभाम ॥

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