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हरतालिका तीज पूजन विधि

हरतालिका तीज पूजन विधि  हरतालिका पूजन के लिए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू रेत व काली मिट्टी की प्रतिमा हाथों से बनाएं। पूजा स्थल को फूलों से सजाकर एक चौकी रखें और उस चौकी पर केले के पत्ते रखकर भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद देवताओं का आह्वान करते हुए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का पूजन करें। सुहाग की सारी वस्तु रखकर माता पार्वती को चढ़ाना इस व्रत की मुख्य परंपरा है। इसमें शिवजी को धोती और अंगोछा चढ़ाया जाता है। यह सुहाग की सामग्री को सास के चरण स्पर्श करने के बाद दान कर दें।

भगवान कृष्ण के 108 नाम

भागवत गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण को युग पुरुष कहा जाता है।  कृष्ण ने महाभारत के युद्ध में अहम भूमिका निभाते हुए विश्व को “श्रीमद्भागवत गीता” का उपदेश प्रदान किया। भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए कृष्ण जी के कई नामों का जाप किया जाता है जिनमें से 108 नाम निम्न हैं: भगवान कृष्ण के 108 नाम 1 अचला  : भगवान। 2 अच्युत  : अचूक प्रभु, या जिसने कभी भूल ना की हो। 3 अद्भुतह  : अद्भुत प्रभु। 4 आदिदेव  : देवताओं के स्वामी। 5 अदित्या  : देवी अदिति के पुत्र। 6 अजंमा  : जिनकी शक्ति असीम और अनंत हो। 7 अजया  : जीवन और मृत्यु के विजेता। 8 अक्षरा  : अविनाशी प्रभु। 9 अम्रुत  : अमृत जैसा स्वरूप वाले। 10 अनादिह  : सर्वप्रथम हैं जो। 11 आनंद सागर  : कृपा करने वाले 12 अनंता  : अंतहीन देव 13 अनंतजित  : हमेशा विजयी होने वाले। 14 अनया  : जिनका कोई स्वामी न हो। 15 अनिरुध्दा  : जिनका अवरोध न किया जा सके। 16 अपराजीत  : जिन्हें हराया न जा सके। 17 अव्युक्ता  : माणभ की तरह स्पष्ट। 18 बालगोपाल  : भ...